शनिवार, जुलाई 20, 2013

आपका सरनेम क्या है..., क्या आप यूपी से हैं?




हिमाचल प्रदेश के इक छोटे  से गाँव में पली बढ़ी ,चंडीगढ़ शहर में पढ़ी लिखी ,पंजाब के अमृतसर में ब्याही गयी और अब अपने छोटे से परिवार के साथ नागपुर में रह रही हूँ !  वैसे अक्सर लड़कियों को ही अपना घर बार नौकरी परिवेश दोस्त सब छोड़ के वहां आना पड़  जाता है जहाँ पति परमेश्वर हों और ये कुछ हद तक सही भी है  !  किसी भी लड़की के लिए परिवार के सुख से बड़ा और कोई सुख नहीं  ! पति कैरिअर  की ऊँचाई के लिए चंडीगढ़ से नागपुर आ गये ...इक साल बाद पीछे पीछे मैं भी आ गयी अपने कान्हा को ले के !  अभी नागपुर आये मुझे एक साल भी नहीं हुआ  !  अच्छा शहर है , हाँ चंडीगढ़  जैसा तो कोई शहर हो ही नहीं सकता क्यूंकि चंडीगढ़ की तो बात ही कुछ और है मगर फिर भी ठीक है  !  भारत के इक आम शहर के जैसा ! पर इक बात जो यहाँ मुझे बहुत अलग लगी वो हे लोगों का नजरिया !  यहाँ किसी से मिलने के एक मिं०  के अंदर पूछा  जाता है "आपका सरनेम  क्या है?

आगे पढ़ें: रचनाकार: वेणू संदल (वीनस "ज़ोया") का व्यंग्य आलेख - आपका सरनेम क्या है..., क्या आप यूपी से हैं? http://www.rachanakar.org/2013/07/blog-post_3838.html#ixzz2ZZxZACPP

18 टिप्‍पणियां:

अरुन शर्मा 'अनन्त' ने कहा…

नमस्कार आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (21 -07-2013) के चर्चा मंच -1313 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

abhi ने कहा…

जाते हैं वहां पढने!

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
साझा करने के लिए शुक्रिया!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

हजारों साल की गुलामी के दौरान आए पतम का असर समाज से इतनी जल्दी नहीं जाता ... फिर जाने प्रयास भी नहीं हो रहा सामाजिक और राजनेतिक स्तर पर ... शायद और १००० साल न लग जाएं ...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

:):) अब यहाँ तो ये भी पूछ लेंगे कि जी आप कौन से ब्राह्मण हो ? वैसे क्या आप यू पी से हैं ?? :):)

Pallavi saxena ने कहा…

गुलज़ार की तो बात ही निराली है :)

इमरान अंसारी ने कहा…

वो इसलिए कि पता चल पाए आप मराठी मानुस हो या नहीं.......सहमत हूँ आपकी बातों से.........साधो कि जात न पूछो :-))

VenuS "ज़ोया" ने कहा…

अरुण जी मेरी रचना को चर्चा में स्थान देने के लिए तह ए दिल से शुक्रिया … आपकी चर्चाओं की कड़ियों ने तो समा बाँध दिया …बधाई

VenuS "ज़ोया" ने कहा…

शास्त्री जी ,इमरान अंसारी जी ।आप का बहुत बहुत शुर्किया

VenuS "ज़ोया" ने कहा…

संगीता दी …आप्के वयन्गात्मक कमेन्ट ने दिल खुश कर दिया …… आभार

VenuS "ज़ोया" ने कहा…

दिगम्बर नासवा जी , abhi जी…. आप यहाँ तक आये ।और मेरे लिखे को पढा …. आभार

premkephool.blogspot.com ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

Darshan jangra ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

VenuS "ज़ोया" ने कहा…

premkephool.blogspot.com and Darshan jangra.......bahut bahut dhnaywaad

VenuS "ज़ोया" ने कहा…

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VenuS "ज़ोया" ने कहा…

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VenuS "ज़ोया" ने कहा…

Pallavi saxena ji..sat vachan...kyaa kehne gulzar ji ke

अरुन शर्मा 'अनन्त' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (04-08-2013) के चर्चा मंच 1327 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ